एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) क्या है , इसका संक्रमण बच्चों पर क्या प्रभाव डालता है

एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) एक व्यापक शब्द है इसमें कई संक्रमण शामिल हैं और यह छोटे बच्चों को प्रभावित करता है। सिंड्रोम वायरस, बैक्टीरिया या कवक के कारण हो सकता है। भारत में, सबसे आम कारण वह वायरस है जो जापानी एन्सेफलाइटिस (JE) का कारण बनता है।

AES मच्छरों द्वारा प्रेषित इंसेफेलाइटिस का एक गंभीर मामला है और तेज़ बुखार एवं मस्तिष्क में सूजन इसकी विशेषता है।यह रोग सबसे अधिक बच्चों और युवा वयस्कों को प्रभावित करता है और इसके कारण रुग्णता और मृत्यु दर काफी अधिक हो सकती है।

AES मामलों में वायरस मुख्य प्रेरक एजेंट हैं, हालाँकि पिछले कुछ दशकों में बैक्टीरिया, कवक, परजीवी, स्पाइरोकेट्स, रसायन, विषाक्त पदार्थों और गैर-संक्रामक एजेंटों जैसे अन्य स्रोतों की भी सूचना मिली है। इसे टीकाकरण द्वारा नहीं रोका जा सकता है।

जापानी  इंसेफेलाइटिस वायरस (JEV) भारत में AES का प्रमुख कारण है (5%से 35% तक)।

हर्पीज़ सिंप्लेक्स वायरस, निपाह वायरस, ज़ीका वायरस, इन्फ्लुएंज़ा ए वायरस, वेस्ट नाइल वायरस, चांदीपुरा वायरस, कण्ठमाला, खसरा, डेंगू, स्क्रब टाइफस, एसपी निमोनिया भी AES के लिये प्रेरक एजेंट के रूप में पाए जाते हैं।

By News Room