ओपेक देश कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने को तैयार, जल्द घट सकती हैं पेट्रोल डीजल की कीमतें

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आने वाले महीनों में कमी आने की संभावना है. दरअसल, दुनिया के कई देशों जिसमें भारत भी शामिल है, ने तेल उत्पादक देशों के संगठन ‘ओपेक’ से कच्चे तेल के उत्पादन में बढ़ोत्तरी करने का आग्रह किया था ताकि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत पर नियंत्रण किया जा सके. शरुआत में तेल उत्पादक देशों ने कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने से इनकार कर दिया था लेकिन अब तेल उत्पादक देश कच्चे तेल के उत्पादन को बढ़ाने के लिए तैयार हो गए हैं जिससे आनेवाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें नीचे आने की संभावना है.

जानकारी के मुताबिक, तेल उत्पादक देशों के संगठन ‘ओपेक’ ने मई से जुलाई के बीच कच्चे तेल के उत्पादन में बढ़ोत्तरी की घोषणा की है. मई और जून में प्रतिदिन 3.5 लाख बैरल अधिक कच्चे तेल का उत्पादन किया जाएगा जबकि जुलाई में प्रतिदिन 4 लाख अधिक कच्चे तेल का उत्पादन किया जाएगा. सऊदी अरब ने भी प्रतिदिन 10 लाख बैरल कच्चे तेल के अतिरिक्त उत्पादन की घोषणा की है.

आपको बता दें कि भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत कच्चा तेल इम्पोर्ट करता है. ओपेक द्वारा कच्चे तेल के उत्पादन में कमी करने की वजह से भारत में तेल की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही थीं और पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पिछले दो महीनों के दौरान भारी वृद्धि भी देखी गई. भारत ने ओपेक देशों द्वारा पूर्व में तेल उत्पादन में बढ़ोतरी से इनकार के बाद अफ्रीकी देशों और मेक्सिको से तेल आयात करना शुरू कर दिया था ताकि पेट्रोल डीजल की कीमतों पर नियंत्रण लगाया जा सके. अब जबकि ओपेक ने तेल उत्पादन बढ़ाने की घोषणा कर दी है तो संभव है देश में पेट्रोल डीजल की कीमतें घटेंगी और महंगाई पर काबू पाया जा सकेगा.  

 

By Pankaj Kumar