महिला एवं बाल विकास मंत्रालय 21 मार्च से 4 अप्रैल, 2022 तक चौथा पोषण पखवाड़ा मना रहा है

महिला और बाल विकास मंत्रालय 21 मार्च से 4 अप्रैल, 2022 तक चौथा पोषण पखवाड़ा मना रहा है। पोषण पखवाड़ा मनाने के लिए, दो व्यापक क्षेत्रों अर्थात स्वस्थ बच्चे की पहचान और उसकी खुशी मनाने और पोषण मित्र (आधुनिक, आईटी आधारित, पारंपरिक और क्षेत्रीय कार्यों) के विषयगत क्षेत्रों के भीतर स्वस्थ भारत के लिए आधुनिक और परम्परागत पद्धतियों के एकीकरण पर जोर दिया गया है।

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आधुनिक और परमपरागत पद्धतियों के एकीकरण के विषय के तहत निम्नलिखित पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:

i. आंगनवाडी केन्द्रों के लाभार्थी 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की ऊंचाई और वजन का मापन

ii. लैंगिक दृष्टि से संवेदनशील जल प्रबंधन के आसपास केन्द्रित गतिविधियां और जल संरक्षण के महत्व तथा आंगनवाड़ी केन्‍‍द्रों सहित वर्षा जल संचयन संरचनाओं को बढ़ावा देने के बारे में महिलाओं में जागरूकता पैदा करना।

iii. टेस्ट ट्रीट एंड टॉक एनीमिया और

iv. जनजातीय क्षेत्रों में स्वस्थ मां और बच्चे के लिए परम्परागत भोजन को बढ़ावा देना

8 मार्च 2018 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया पोषण अभियान व्यापक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने में एक लंबा सफर तय कर चुका है। पोषण अभियान अन्य मंत्रालयों के साथ मिलकर समग्र रूप से पोषण संबंधी परिणामों में सुधार करने का प्रयास कर रहा है। पोषण अभियान के वांछित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर व्यवहार परिवर्तन एक महत्‍वपूर्ण घटक है। 'मन की बात' सहित विभिन्न अवसरों पर प्रधानमंत्री के आह्वान ने जन आंदोलन आधारित बड़े पैमाने पर जन भागीदारी के माध्यम से पोषण से संबंधित मुद्दों पर समुदायों को संवेदनशील बनाने में मदद की है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय पोषण पखवाड़ा के दौरान गतिविधियों के समन्वय के लिए केन्द्रीय मंत्रालय होगा। राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में महिला एवं बाल विकास विभाग/समाज कल्याण विभाग पोषण पखवाड़ा के लिए केन्द्रीय विभाग होंगे।

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By News Room