कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली में बेड्स की कमी, 17 निजी अस्पतालों में एक भी बेड नहीं

राजधानी दिल्ली में कोरोना बेकाबू होता जा रहा है. 11 अप्रैल को दिल्ली में कोरोना के 10,774 मरीज आए हैं जिससे दिल्ली में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 34,341 हो गई है. एक्टिव मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या की वजह से राजधानी के अस्पतालों में बेड्स की संख्या कम पड़ने लगी है.

इन बड़े निजी अस्पतालों में एक भी बेड नहीं

जानकारी के मुताबिक राजधानी के 17 बड़े निजी अस्पतालों में एक भी बेड खाली है. ये 17 अस्पताल हैं....होली फैमिली अस्पताल (ओखला), मैक्स अस्पताल (शालीमार बाग), महाराजा अग्रसेन अस्पताल (पंजाबी बाग), जयपुर गोल्डन अस्पताल (रोहिणी), वेंकटेश्वर अस्पताल (द्वारका), सरोज अस्पताल (रोहिणी), बीएल कपूर अस्पताल (राजेन्द्र नगर), VIMHANS अस्पताल (लाजपत नगर), आयुष्मान अस्पताल (द्वारका), कालरा अस्पताल (कीर्ति नगर), गोयल अस्पताल (कृष्णा नगर), मलिक रेडिक्स अस्पताल (निर्माण विहार), नेशनल हार्ट इंस्टीटयूट अस्पताल (ईस्ट ऑफ कैलाश), हार्ट एंड लँग अस्पताल (पंचकुइयां रोड), महाराजा अग्रसेन अस्पताल (द्वारका), भगत चंद्र अस्पताल (द्वारका), रिवाइव अस्पताल (तिलक नगर)  

दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों और बेड्स की कमी के मुद्दे पर अहम बैठक करते हुए मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अस्पतालों को कोरोना बेड, वेन्टिलेटर और ऑक्सीजन वाले बेड्स बढ़ाने के आदेश दिए हैं साथ ही कई अस्पतालों को कोविड स्पेशल अस्पताल बनाने का निर्देश भी दिया है. केजरीवाल ने वैक्सीन लगाने के योग्य व्यक्तियों से वैक्सिंग लगवाने की अपील की है.

By Pankaj Kumar