राजस्थान में भाजपा समाप्त हो रही है : डोटासरा

कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा राज्य में अंदरूनी कलह के कारण खत्म हो रही है।

डोटासरा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा तो राजस्थान में खत्म हो रही है.. मैं समझता हूं कि कोई दूसरा ही दल प्रतिपक्ष की भूमिका में ढंग से काम कर पाएगा.. भाजपा को तो आपस में लड़ने से फुर्सत नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अंतर्कलह से जूझ रही भाजपा के नेता एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं। वे अपने-अपने संगठन बना रहे हैं और पोस्टर फाड़ रहे हैं। ये लोग अपने पैरों पर भी खड़े नहीं हो पाएंगे।’’

डोटासरा ने कहा, ‘‘भाजपा में चाहे पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां हो, चाहे प्रतिपक्ष के उपनेता राजेन्द्र राठौड़, चाहे केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र शेखावत हो या भूपेन्द्र यादव हों..ये सब अपने आप को बड़ा बता रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि भाजपा नेता वसुंधरा राजे दो बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं, इसलिए उनका कद इन सबसे ऊंचा है, इसमें कोई दो राय नहीं है, लेकिन ‘‘ये नेता राजे को बड़ा नहीं मान रहे’’।

उन्होंने कहा कि भाजपा विपक्षी दल होने के नाते सरकार की कमियां उजागर करने का काम नहीं कर रही, बल्कि वे पार्टी में एक-दूसरे की कमियां निकाल रहे हैं।

डोटासरा ने कहा, ‘‘इस देश की आजादी में कांग्रेस के महान नेताओं का जो योगदान है, उसे कोई भुला नहीं सकता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और राजग सरकार कितनी भी चेष्टा कर लें, लेकिन देश का बच्चा-बच्चा जानता है कि जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस सहित कांग्रेस के नेताओं का आजादी में जो योगदान है उसे कोई भुला नहीं सकता।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आज़ादी के संघर्ष में कांग्रेस नेताओं का बलिदान एवं इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित उनका नाम नरेंद्र मोदी एवं अमित शाह कभी मिटा नहीं पाएंगे।’’

उन्होंने कहा कि अमृत महोत्सव में पंडित नेहरू की तस्वीर नहीं लगाना भाजपा सरकार के कुप्रयास एवं तुच्छ मानसिकता को दर्शाता है।

इस संबंध में भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने बयान जारी कर पलटवार करते हुये कहा, ‘‘गोविंद डोटासरा पहले अपना घर संभालें। कांगेस सरकार अंतर्कलह से जूझ रही है, जिसके कारण प्रदेश में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। कांग्रेस सरकार की विफलताओं से ध्यान हटाने के लिये डोटासरा ऐसे बयान देते हैं।’’

डॉ. पूनियां ने कहा, ‘‘अशोक गहलोत और गोविंद डोटासरा में प्रतिस्पर्धा है कि महात्मा गांधी की पुरानी बात मानकर कांग्रेस को खत्म कर बहादुरशाह जफर कौन बनेगा?’’ उन्होंने कहा, ‘‘मंत्रिमंडल विस्तार मुख्यमंत्री के गले की फांस बना हुआ है। यह फांस न निगली जा रही है, ना उगली जा रही है। मुख्यमंत्री इस बात से डरे हुये हैं कि जिस दिन मंत्रिमंडल विस्तार होगा, कांग्रेस में बड़ा विस्फोट तय है, इसलिये गहलोत जादुई रूप से मंत्रिमंडल विस्तार को टाल रहे हैं। कांग्रेस संगठन का विस्तार नहीं होना यह दर्शाता है कि राज्य में संगठन और सत्ता एक व्यक्ति के हाथ में है।’’

By News Room